समलैंगिकता पर न्याय व्यवस्था का बंध्याकरण व समाधान

जज समुदाय का मानना है कि - यौन एक प्राकृतिक आकर्षण है, दो वयस्क आपसी सहमति से यौन संबंध बना सकते हैं, नैतिकता की आड़ में किसी का अधिकार नहीं छीन सकते, व्यक्ति के पसंद की अनदेखी नहीं कर सकते, सबको यह स्वतंत्रता है कि उसे क्या चुनना है। समलैंगिक संबंध अपराध अब नहीं हैं, … पढ़ना जारी रखें समलैंगिकता पर न्याय व्यवस्था का बंध्याकरण व समाधान

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राजनेताओं के काम व खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखाना क्यों आवश्यक है?

कैसे एक कार्यकर्ता ने सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान होने से बचाया और क्यों जनसेवक के काम की डिटेल वेबसाईट पर सभी को दिखना आवश्यक है. Please share... How one activist saved loss of crores of Government money and why Public Servant Work details need to be seen publicly on website ... (SCROLL DOWN … पढ़ना जारी रखें राजनेताओं के काम व खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखाना क्यों आवश्यक है?

बांग्लादेश से कपड़ा आयातके कारण गुजरातके घरेलू बाजारमें 25% गिरावटका समाधान नागरिकों की ज्यूरी से हो.

 “बांग्लादेश से अधिक मात्रा में कपड़ा आयात के कारण , गुजरात ने घरेलू बाजार में 25% कपड़ा व्यवसाय गवां दिया है”—फाइनेंसियल एक्सप्रेस का ये आर्टिकल कहता है  http://epaper.financialexpress.com/1799177/Ahmedabad/September-01,-2018#page/22/2  चीन ने अपनी निर्माण इकाइयाँ बांग्लादेश में बना राखी है और बांग्लादेश के माध्यम से चीन का कपड़ा और पोशाकें भारत में आ रही हैं | . … पढ़ना जारी रखें बांग्लादेश से कपड़ा आयातके कारण गुजरातके घरेलू बाजारमें 25% गिरावटका समाधान नागरिकों की ज्यूरी से हो.

बिना जनसेवक और अफसरों के काम देखे, नागरिक कैसे विकल्प चुन सकते हैं ?

बिना "जन्सेवेक काम डिटेल सरकारी वेबसाईट पर" के दो धाराओं के कोई कानून जैसे रिकॉल और जूरी सिस्टम हानिकारक है . बिना जनसेवक और अफसरों के काम देखे, नागरिक कैसे विकल्प चुन सकते हैं ? . जब भी कोई नया व्यक्ति पद पर आता है, तो वो बड़े बड़े भाषण देता है और लोगों से … पढ़ना जारी रखें बिना जनसेवक और अफसरों के काम देखे, नागरिक कैसे विकल्प चुन सकते हैं ?

आजादी की लड़ाई में हम किस बिंदु पर निर्णायक मार खा गए? जनसामान्य क्या समाधान करे? 

आजादी की लड़ाई में हम किस बिंदु पर निर्णायक मार खा गए और कैसे पिछले 71 सालो से हम यह मार लगातार खाते जा रहे है ? और समाधान ?  .   राजनैतिक विमर्श में "आजादी" लफ्ज के कोई मायने नहीं होते। यह सिर्फ एक नारा / लेबल है। इसीलिए "आजादी" शब्द को केंद्र में रखकर … पढ़ना जारी रखें आजादी की लड़ाई में हम किस बिंदु पर निर्णायक मार खा गए? जनसामान्य क्या समाधान करे? 

क्या मौजूदा सरकारकी नीतियां सरकारी बैंको को खतम कर धनपिशाचोकी मल्कियत वाली प्राइवेट बैंकोको खुश करने वालींहैं?

   रिज़र्व बैंक ने अपनी वित्तीय स्थायित्व रिपोर्ट में कहा है कि बैंकिंग क्षेत्र पर गैर-निष्पादित क़र्ज़ का दबाव बना रहेगा. आने वाले समय में यह और बढ़ेगा.  मार्च 2019 तक 11.6 प्रतिशत से बढ़कर 12.2 प्रतिशत होगा.रिजर्व बैंक ने अपनी वित्तीय स्थायित्व रिपोर्ट (एफएसआर) में कहा है कि बैंकिंग क्षेत्र पर सकल गैर-निष्पादित कर्ज का दबाव लगातार … पढ़ना जारी रखें क्या मौजूदा सरकारकी नीतियां सरकारी बैंको को खतम कर धनपिशाचोकी मल्कियत वाली प्राइवेट बैंकोको खुश करने वालींहैं?

पारदर्शितापूर्ण लोकतांत्रिक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए टी सी पी मीडिया पोर्टल ड्राफ्ट से सम्बंधित संदेह व उनका निवारण

 मित्रों, हमारे देश में पारदर्शिता पूर्ण जनशिकायत प्रणाली का अभाव रहने के कारण यहाँ कई समस्याओं को कई दशकों से रोज रोज झेलना एक उत्सव बन चुका है.  जैसे कि सड़कों पर व्याप्त गड्ढे के निवारण के लिए निविदा उस समय स्वीकारी जाती है जिससे सड़क मरम्मती के कार्य बिलकुल बारिश के ही शुरुआत के समय … पढ़ना जारी रखें पारदर्शितापूर्ण लोकतांत्रिक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए टी सी पी मीडिया पोर्टल ड्राफ्ट से सम्बंधित संदेह व उनका निवारण