बैंको को मुद्रा नियंत्रण देने से जनता बेघर पैदा होगी, अतः, समाधान आज की जनता को करना है.

मित्रों, अब आपके सरकारी बैंक में रखे आपके पैसों पर सरकार द्वारा प्रदत्त सुरक्षा को हटाकर वहां प्राइवेट कंपनियों के लोग नियुक्त किये जायेंगे क्योंकि सरकारी बैंक में सरकार के शेयर कम किये जाने की प्रबल संभावना बनाई जा रही है. इस तरह से सभी सरकारी बैंक का निजीकरण करने के लिए ही सरकारी और … पढ़ना जारी रखें बैंको को मुद्रा नियंत्रण देने से जनता बेघर पैदा होगी, अतः, समाधान आज की जनता को करना है.

Advertisements

राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

"राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह"  1. राइट टू रिकॉल कानून निश्चित रूप से एक बहुत कारगर हथियार सिद्ध हो सकता है लेकिन सबसे पहले मैं फिर कहता हूं भारतीय जनता को समग्र रूप से शिक्षित होना बहुत आवश्यक है नहीं तो इस कानून का भी भरपूर दुरुपयोग … पढ़ना जारी रखें राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

देश में न्यायिक प्रक्रिया में ज्यूरी प्रणाली से औद्योगिक क्रांति लायी जा सकती है? कैसे !

दिल्ली में सीलिंग का षडयंत्र भाजपा कर रही नौटंकी. अस्मिता की राजनीति पूंजीवादी निरंकुशता का अभिन्न अंग है. आमूल परिवर्तनवादी दृष्टि और कार्यपद्धति के लिए पूंजीवादी संस्थाओं को नष्ट करने की प्रतिबद्धता चाहिए। "खुद बागान स्वामी बनने की डाह जनित फंतासी पालते गुलाम अपनी शारीरिक व मानसिक जंजीरों को कभी नहीं तोड़ सकते"- यह मनोवृत्ति गुलामी … पढ़ना जारी रखें देश में न्यायिक प्रक्रिया में ज्यूरी प्रणाली से औद्योगिक क्रांति लायी जा सकती है? कैसे !

गायों की सुरक्षा के मामले में सभी पार्टियों के एक रवैये पे जनता क्या समाधान निकाले?

Note: सभी कार्यकर्ता अपने हर स्तर के अफसरों को कहें कि वे ऐसी वेबसाईट बनाएँ जिसमें देश के किसी  भी नेता का नाम डालकर उनके द्वारा समर्थित या विरोध हुआ बिल का पता चले और बिल का पीडीऍफ़ भी दिखे.  यदि मोदी जगह प्रभु श्री राम जी भारत के प्रधानमंत्री बन जाएं लेकिन क़ानून ये ही … पढ़ना जारी रखें गायों की सुरक्षा के मामले में सभी पार्टियों के एक रवैये पे जनता क्या समाधान निकाले?

पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

मित्रों, सन-1947 से लेकर 2014 तक जनता न्यायालयों में जजों से न्याय मांगते थे, लेकिन जून-2014 के बाद हालात कुछ ऐसे हो गए कि जज ही सार्वजनिक प्रेस-वार्ता द्वारा जनता से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. क्या इसके पहले लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं आया था? जबकि सर्वोच्च न्यायलय द्वारा लिए गए सभी निर्णयों … पढ़ना जारी रखें पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

समाधान में नागरिकों की सहभागिता

चिंकी :- मास्टर जी राईट टू रिकॉल पार्टी के कुछ कार्यकर्ता अच्छा एजेंडा लेकर जनता में कानून प्रचार का काम कर रहे हैं | कोई संगठन बनाकर काम क्यों नहीं करते. ? . मास्टर जी :- "संगठित करना" सबसे अधिक विभाजनकारी नीति है । और हिन्दूओ को 1925 से ही इसका शिकार किया जा रहा … पढ़ना जारी रखें समाधान में नागरिकों की सहभागिता

आर्थिक-संकल्प-एवं-जमा-बीमा बिल(FRDI)-२०१७ की समस्या एवं समाधान

आर्थिक-संकल्प-एवं-जमा-बीमा बिल; ऍफ़ आर डी आई बिल अर्थात फाइनेंसियल रेजोलुशन एंड डिपाजिट इन्शुरन्स बिल-२०१७. का क्लॉज़-52 पढ़ें. ये बेल-इन का क्लॉज़ है. भारत का 63% पैसा सरकारी बैंक में और 18% पैसा प्राइवेट बैंक में जमा है.  विवाद इस बिल के चैप्टर चार के सेक्शन-दो को लेकर भी है, जिसके तहत एक रेजोलुशन कार्पोरेटर से सलाह मशविरे … पढ़ना जारी रखें आर्थिक-संकल्प-एवं-जमा-बीमा बिल(FRDI)-२०१७ की समस्या एवं समाधान