हमारा देश WTO और GATT के खतरनाक कृषि विरोधी संधियों से बाहर क्यों नहीं आ रहा?

 भारत को GATT और WTO अग्रीमेंट की शर्तें इन समूहों में सभी उपस्थित सदस्यों के दबाव में माननी पड़तीं हैं. अंतर्राष्ट्रीय संधियों में उन्ही देशों की शर्ते कमजोर देशों को माननी पड़तीं हैं जो सामरिक रूप से शक्तिशाली, तकनिकी रूप में सबसे मजबूत हो. उल्लेखनीय है कि भारत GATT का सदस्य 8 जुलाई 1948 और WTO … पढ़ना जारी रखें हमारा देश WTO और GATT के खतरनाक कृषि विरोधी संधियों से बाहर क्यों नहीं आ रहा?

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हमारी सांस्कृतिक विरासत के संचालन का निजीकरण का खेल, हिन्दू धर्म का भविष्य व समाधान

लाल किले के संचालन का निजीकरण -- "विक्रीते करिणि किमंकुशे विवाद" !! अर्थात जब हाथी ही बेच दिया तो अंकुश का क्या झगड़ा ? .  भारत में लाखों लोग रोज रेलवे प्लेटफोर्म का इस्तेमाल करते है, और एक आवश्यक सेवा होने के कारण रेलवे का इस्तेमाल करना जरुरी है। इससे बचा नहीं जा सकता। मोदी … पढ़ना जारी रखें हमारी सांस्कृतिक विरासत के संचालन का निजीकरण का खेल, हिन्दू धर्म का भविष्य व समाधान

बलात्कार की बढती घटनाओं का समाधान

यूपी में हिन्दू ,पटना में मुस्लिम नाबालिक लड़की का रेप..! बताओं अल्लाह और राम से पूछ कर..? अपराधी का धर्म कोनसा है..? एक रेप बिहार में बच्ची की उम्र 6 वर्ष, एक रेप जम्मू में, बच्ची की उम्र 8 वर्ष, जम्मू वाली बच्ची के लिए नेता, अभिनेता, मीडिया मैदान में.  बिहार की इस बच्ची के लिए कोई विरोध … पढ़ना जारी रखें बलात्कार की बढती घटनाओं का समाधान

क्या हमारे देश के जज और न्यायालय व वकील धन के बदले न्याय देते हैं?

 सलमान खान की जमानत -- संघ के मंत्रियो एवं स्वयंसेवको ने इस मामले में कितनी घूस खायी होगी ? . कांग्रेस के जमाने में यह खुली हुयी बात थी कि जो भी घूस इकट्ठी की जाती थी उसमे से लगभग 35% हिस्सा मुख्यमंत्री एवं अन्य शीर्ष मंत्रियो को जाता था। लेकिन 1 जनवरी 2014 से … पढ़ना जारी रखें क्या हमारे देश के जज और न्यायालय व वकील धन के बदले न्याय देते हैं?

व्यवस्था परिवर्तन,राईट-टू-रिकॉल एवं राईट-टू-रिजेक्ट पर श्री राजीव दीक्षित जी के व्यख्यान

जिस 'राईट टू रिकॉल' एवं 'राईट टू रिजेक्ट' की ताकत से नेता जनता से डरने लगेगा व भ्रष्टाचार नहीं करेगा, और यदि उसने भ्रष्टाचार किया तो,जनता के द्वारा कभी भी उठाकर संसद, विधानसभा या किसी भी कुर्सी से हटा दिया जाएगा. इस तरह लोकतंत्र की बागडोर फिर जनता के हाथ में रहेगी और वो अपनी … पढ़ना जारी रखें व्यवस्था परिवर्तन,राईट-टू-रिकॉल एवं राईट-टू-रिजेक्ट पर श्री राजीव दीक्षित जी के व्यख्यान

रेलवे निजीकरण के घातक परिणाम एवं लोकतान्त्रिक समाधान

  हबीबगंज स्टेशन के निजीकरण का अनुभव बताता है कि रेलवे का निजीकरण करोड़ों यात्रियों के लिए कितना घातक साबित हो रहा है और विदेशी कंपनी के लिए ये पांचो अंगुलियाँ घी में जाने जैसी बात हो गयी है. खैर मुझे क्या...? देश के पहले तथाकथित मॉडल स्टेशन के शुरुआती अनुभव आम रेल यात्रियों के लिए डराने … पढ़ना जारी रखें रेलवे निजीकरण के घातक परिणाम एवं लोकतान्त्रिक समाधान

पढ़ाई व देश की तकनिकी स्तर को गिराने की राजनैतिक साजिश और लोकतांत्रिक समाधान

१) सीबीएसई बोर्ड में 10 वीं कक्षा के छात्रों को अब पास होने के लिए अलग अलग विषयो में 33% अंक नहीं लाने होंगे। सभी विषयों को मिलाकर भी यदि छात्र 33% अंक ले आता है तो उसे पास माना जाएगा !!! .  इससे छात्रों पर पढ रहे पढाई के बोझ में कमी आएगी एवं … पढ़ना जारी रखें पढ़ाई व देश की तकनिकी स्तर को गिराने की राजनैतिक साजिश और लोकतांत्रिक समाधान