राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

"राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह"  1. राइट टू रिकॉल कानून निश्चित रूप से एक बहुत कारगर हथियार सिद्ध हो सकता है लेकिन सबसे पहले मैं फिर कहता हूं भारतीय जनता को समग्र रूप से शिक्षित होना बहुत आवश्यक है नहीं तो इस कानून का भी भरपूर दुरुपयोग … पढ़ना जारी रखें राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

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देश में न्यायिक प्रक्रिया में ज्यूरी प्रणाली से औद्योगिक क्रांति लायी जा सकती है? कैसे !

दिल्ली में सीलिंग का षडयंत्र भाजपा कर रही नौटंकी. अस्मिता की राजनीति पूंजीवादी निरंकुशता का अभिन्न अंग है. आमूल परिवर्तनवादी दृष्टि और कार्यपद्धति के लिए पूंजीवादी संस्थाओं को नष्ट करने की प्रतिबद्धता चाहिए। "खुद बागान स्वामी बनने की डाह जनित फंतासी पालते गुलाम अपनी शारीरिक व मानसिक जंजीरों को कभी नहीं तोड़ सकते"- यह मनोवृत्ति गुलामी … पढ़ना जारी रखें देश में न्यायिक प्रक्रिया में ज्यूरी प्रणाली से औद्योगिक क्रांति लायी जा सकती है? कैसे !

हमारा बिगड़ा हुआ इतिहास, दंगे-फसाद और समाधान

दोस्तों,  मलेशिया एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है जिसका इस्लाम राष्ट्रीय धर्म है। इसके बाद भी संजय भंसाली की 'पद्मावत' मूवी को बैन कर दिया गया है। मलेशिया के सेंसर बोर्ड ने इस विवादित फ़िल्म को, 'नॉट रेलेवेंट'( अप्रसांगिक) टिप्पणी के साथ, 'नॉट एप्रूव्ड लिस्ट'(अस्वीकृत श्रेणी) में डाल दिया है। मलेशिया की सेंसर बोर्ड की नॉट रेलेवेन्ट … पढ़ना जारी रखें हमारा बिगड़ा हुआ इतिहास, दंगे-फसाद और समाधान

पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

मित्रों, सन-1947 से लेकर 2014 तक जनता न्यायालयों में जजों से न्याय मांगते थे, लेकिन जून-2014 के बाद हालात कुछ ऐसे हो गए कि जज ही सार्वजनिक प्रेस-वार्ता द्वारा जनता से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. क्या इसके पहले लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं आया था? जबकि सर्वोच्च न्यायलय द्वारा लिए गए सभी निर्णयों … पढ़ना जारी रखें पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

देश को साम्प्रदायिक दंगे से कोई भ्रष्ट जज या वकील नहीं बल्कि जनता ही बचा सकती है.

मित्रों, 1990-1991 में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन को विदेशी धनपशुओं द्वारा राजनैतिक षड्यंत्र के अंतर्गत अंजाम दिया गया जिससे कश्मीर में उग्रवादियों द्वारा आरोपित आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर कश्मीर को देश की मुख्यधारा से अलग करने का अंतिम चरण के एक हिस्से को पूरा किया जाए. अमेरिका-लन्दन के धनपिशाच १९४७ से ही … पढ़ना जारी रखें देश को साम्प्रदायिक दंगे से कोई भ्रष्ट जज या वकील नहीं बल्कि जनता ही बचा सकती है.

मंदिरों को प्रशासनिक अधिकारीयों से मुक्त करवाना हिन्दुओं का कार्य है और उसके लिए हिन्दू आदेश करें.

आंख खोलने वाली पोस्ट ! कई बार टुकड़ों में लिखा लेकिन आज इस बिंदू पर संगठित लेखन मिला। समझ हो तो समझ लें। . 🚩एक गोरे विदेशी ने जो कुछ लिखा है, वह #हिन्दुओं की आँखें खोलनेवाला है : “प्रत्येक मन्दिर पर एक IAS मुखिया बनकर बैठा हुआ है । पर किसी भी मस्जिद या चर्च पर … पढ़ना जारी रखें मंदिरों को प्रशासनिक अधिकारीयों से मुक्त करवाना हिन्दुओं का कार्य है और उसके लिए हिन्दू आदेश करें.