बैंको को मुद्रा नियंत्रण देने से जनता बेघर पैदा होगी, अतः, समाधान आज की जनता को करना है.

मित्रों, अब आपके सरकारी बैंक में रखे आपके पैसों पर सरकार द्वारा प्रदत्त सुरक्षा को हटाकर वहां प्राइवेट कंपनियों के लोग नियुक्त किये जायेंगे क्योंकि सरकारी बैंक में सरकार के शेयर कम किये जाने की प्रबल संभावना बनाई जा रही है. इस तरह से सभी सरकारी बैंक का निजीकरण करने के लिए ही सरकारी और … पढ़ना जारी रखें बैंको को मुद्रा नियंत्रण देने से जनता बेघर पैदा होगी, अतः, समाधान आज की जनता को करना है.

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राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

"राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह"  1. राइट टू रिकॉल कानून निश्चित रूप से एक बहुत कारगर हथियार सिद्ध हो सकता है लेकिन सबसे पहले मैं फिर कहता हूं भारतीय जनता को समग्र रूप से शिक्षित होना बहुत आवश्यक है नहीं तो इस कानून का भी भरपूर दुरुपयोग … पढ़ना जारी रखें राईट टू रिकॉल कानूनो की व्यवहारिकता को लेकर व्यक्त किए गए कुछ संदेह और उनका निराकरण

प्रायोजित दंगे, देश का बंटाधार युक्त भविष्य और समाधान

Note: सभी कार्यकर्ता अपने हर स्तर के अफसरों को कहें कि वे ऐसी वेबसाईट बनाएँ जिसमें देश के किसी  भी नेता का नाम डालकर उनके द्वारा समर्थित या विरोध हुआ बिल का पता चले और बिल का पीडीऍफ़ भी दिखे.  समाचारों में बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के यात्रा के लिए किसी अधिकारी … पढ़ना जारी रखें प्रायोजित दंगे, देश का बंटाधार युक्त भविष्य और समाधान

हमारा बिगड़ा हुआ इतिहास, दंगे-फसाद और समाधान

दोस्तों,  मलेशिया एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है जिसका इस्लाम राष्ट्रीय धर्म है। इसके बाद भी संजय भंसाली की 'पद्मावत' मूवी को बैन कर दिया गया है। मलेशिया के सेंसर बोर्ड ने इस विवादित फ़िल्म को, 'नॉट रेलेवेंट'( अप्रसांगिक) टिप्पणी के साथ, 'नॉट एप्रूव्ड लिस्ट'(अस्वीकृत श्रेणी) में डाल दिया है। मलेशिया की सेंसर बोर्ड की नॉट रेलेवेन्ट … पढ़ना जारी रखें हमारा बिगड़ा हुआ इतिहास, दंगे-फसाद और समाधान

पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

मित्रों, सन-1947 से लेकर 2014 तक जनता न्यायालयों में जजों से न्याय मांगते थे, लेकिन जून-2014 के बाद हालात कुछ ऐसे हो गए कि जज ही सार्वजनिक प्रेस-वार्ता द्वारा जनता से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. क्या इसके पहले लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं आया था? जबकि सर्वोच्च न्यायलय द्वारा लिए गए सभी निर्णयों … पढ़ना जारी रखें पद्मावती बैन, जज-हत्या, न्यायिक भ्रष्टाचार और लोकतान्त्रिक समाधान

समाधान में नागरिकों की सहभागिता

चिंकी :- मास्टर जी राईट टू रिकॉल पार्टी के कुछ कार्यकर्ता अच्छा एजेंडा लेकर जनता में कानून प्रचार का काम कर रहे हैं | कोई संगठन बनाकर काम क्यों नहीं करते. ? . मास्टर जी :- "संगठित करना" सबसे अधिक विभाजनकारी नीति है । और हिन्दूओ को 1925 से ही इसका शिकार किया जा रहा … पढ़ना जारी रखें समाधान में नागरिकों की सहभागिता

देश को साम्प्रदायिक दंगे से कोई भ्रष्ट जज या वकील नहीं बल्कि जनता ही बचा सकती है.

मित्रों, 1990-1991 में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन को विदेशी धनपशुओं द्वारा राजनैतिक षड्यंत्र के अंतर्गत अंजाम दिया गया जिससे कश्मीर में उग्रवादियों द्वारा आरोपित आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर कश्मीर को देश की मुख्यधारा से अलग करने का अंतिम चरण के एक हिस्से को पूरा किया जाए. अमेरिका-लन्दन के धनपिशाच १९४७ से ही … पढ़ना जारी रखें देश को साम्प्रदायिक दंगे से कोई भ्रष्ट जज या वकील नहीं बल्कि जनता ही बचा सकती है.